जापान ने वॉलेंटियर्स की ट्रेनिंग रद्द की, मॉर्डन पेंथालॉन गेम्स अब चीन की बजाए मैक्सिको में होंगे

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  • चीन की बैडमिंटन टीम को कोरोनावायरस टेस्ट के बाद यूरोप दौरे की मंजूरी मिली
  • चीन की ड्रग टेस्टिंग यूनिट ने फिर काम शुरू किया, हालांकि अभी रफ्तार बेहद धीमी

Dainik Bhaskar

Feb 22, 2020, 03:13 PM IST

खेल डेस्क. चीन में कोरोनावायरस फैलने का असर इस साल होने वाले टोक्यो ओलिंपिंक पर भी पड़ रहा है। आयोजकों ने वॉलेंटियर्स की ट्रेनिंग फिलहाल रद्द कर दी है। हालांकि, ये भी साफ किया है कि ओलिंपिक खेलों के शेड्यूल पर कोई असर नहीं पड़ेगा और न ही इन्हें स्थगित किया जाएगा। दूसरी तरफ, मॉर्डन पेंथालॉन गेम्स को चीन से मैक्सिको शिफ्ट कर दिया गया है। चीन से दो सकारात्मक खबरें भी हैं। पहली- चीनी बैडमिंटन टीम को गहन चिकित्सा जांच के बाद यूरोप दौरे की मंजूरी मिल गई है। दूसरी- चीन की स्पोर्ट्स ड्रग यूनिट ने फिर काम शुरू कर दिया है। हालांकि, इसकी रफ्तार काफी धीमी बताई गई है। 

आयोजक अब बेहद सतर्क
24 जुलाई से होने वाले ओलिंपिक गेम्स की तैयारियां पूरे जोरशोर से चल रही हैं। हालांकि, चीन में फैले कोरोनावायरस की वजह से अब ये प्रभावित होने लगी हैं। आयोजकों के मुताबिक, ओलिंपिक वॉलेंटियर्स की ट्रेनिंग को फिलहाल टाल दिया गया है। ट्रेनिंग का अगला शेड्यूल बाद में घोषित किया जाएगा। जापान में कोरोनावायरस के करीब 100 मामले सामने आ चुके हैं। तीन लोगों की मौत हो चुकी है। टोक्यो की मेयर ने कहा कि शहर में अगले आदेश तक सभी इंडोर और आउटडोर गेम्स पर भी पाबंदी लगा दी गई है। हालांकि, उन्होंने ओलिंपिक खेल टालने या रद्द करने की मीडिया रिपोर्ट्स को साफ तौर पर नकार दिया। 

मॉर्डन पेंथालॉन अब चीन नहीं मैक्सिको में होंगे
तीसरे मॉर्डन पेंथालॉन खेल अब चीन की बजाए मैक्सिको में होंगे। चीन में कोरोनावायरस के खतरे के मद्देनजर यह फैसला किया गया। 
बता दें कि मॉर्डन पेंथालॉन गेम्स में पांच खेल आते हैं। ये हैं तलवारबाजी, मैरॉथन, पिस्टल शूटिंग, घुड़सवारी और तैराकी। इन खेलों को झियामिन शहर में 25 से 31 मई के बीच आयोजित किया जाना था। अब मैक्सिको इनकी मेजबानी करेगा। दो साल पहले भी यह खेल मैक्सिको में ही आयोजित किए गए थे।  

चीन की बैडमिंटन टीम यूरोप जाएगी
कोरोनावायरस के तमाम टेस्ट किए जाने के बाद चीन की बैडमिंटन टीम को यूरोप दौरे की मंजूरी मिल गई है। यहां ओलिंपिक खेलों के लिए क्वॉलिफाइंग राउंड होना है। चीन के बैडमिंटन एसोसिएशन ने शनिवार को जारी बयान में कहा- टीम का कोई प्लेयर कोरोनावायरस से संक्रमित नहीं है। लिहाजा, टीम अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जर्मन ओपन, ऑल इंग्लैंड ओपन और स्विस ओपन में शिरकत करेगी। हालांकि, सच्चाई ये है कि चीनी खिलाड़ी करीब 10 दिन से ब्रिटेन में ट्रेनिंग कर रहे हैं। कुछ खिलाड़ी बीजिंग में हैं। इन्हें जल्द ही ब्रिटिश वीजा मिल सकता है। सभी की गहन जांच की गई है।  

ड्रग टेस्टिंग शुरू
चाइना एंटी डोपिंग एजेंसी (चाइनाडीए) ने शनिवार को एक राहत भरी खबर दी। एजेंसी ने डोपिंग टेस्ट फिर से शुरू कर दिए हैं। कोरोनावायरस की वजह से इन्हें 3 फरवरी से बंद कर दिया गया था। हालांकि, अंतराराष्ट्रीय एंटी डोपिंग अथॉरिटी ने चीन को नई गाइडलाइंस जारी करते हुए कहा है कि क्वॉलिटी टेस्ट में किसी प्रकार की कोताही सहन नहीं की जाएगी। चीन के इस टेस्ट लैब में हर साल करीब 1200 खिलाड़ियों के डोप टेस्ट होते हैं। कोरोनावायरस की वजह से चीन में दो हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।



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