पुलिस ने कोर्ट में सीसीटीवी फुटेज, 100 गवाहों के बयान पेश किए; कहा- सीएए पर प्रदर्शन के दौरान शर्जील ने हिंसा भड़काई

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  • 15 दिसंबर को सीएए के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान जामिया के करीब न्यू फ्रैंड्स कॉलोनी में हिंसा हुई थी, वाहन फूंके गए
  • चार्जशीट में जेएनयू के छात्र शर्जील इमाम के अलावा मुस्लिम संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया का भी नाम

Dainik Bhaskar

Feb 18, 2020, 04:44 PM IST

दिल्ली. नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान जामिया इलाके में हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने मंगलवार को चार्जशीट पेश की। दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल और 100 गवाहों के बयान पेश किए। पुलिस ने चार्जशीट में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्र शर्जील इमाम और मुस्लिम संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) को हिंसा भड़काने का आरोपी बनाया है।

पुलिस ने आईपीसी की धारा 307 (हत्या की कोशिश), धारा 147 (दंगा भड़काना), धारा 186 (सरकारी कर्मचारियों को काम करने से रोकना), 353 (मारपीट) और धारा 427 के तहत आरोप तय किए हैं। चार्जशीट में हिंसा के दिन के सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल और 100 से ज्यादा गवाहों के बयान हैं। हिंसा के दौरान 3.2 मिमी कैलिबर की पिस्टल की गोली का खाली खोखा मिलने की भी जानकारी है।

चार्जशीट में जामिया के किसी छात्र का नाम नहीं

इस मामले में अब तक 17 लोगों की गिरफ्तारी हुई है। इसमें से न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी के 9 और जामिया नगर के 8 लोगों के नाम हैं। चार्जशीट में जामिया मिलिया यूनिवर्सिटी के किसी छात्र का नाम नहीं है। कोर्ट ने सोमवार को हुई सुनवाई के बाद जामिया हिंसा मामले में इमाम को एक दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा था। अब इमाम को 3 मार्च तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। 

पुलिस और जामिया यूनिवर्सिटी के छात्रों के बीच झड़प हुई थी

15 दिसंबर को जामिया के करीब न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन किया जा रहा था। उपद्रवियों ने 4 सरकारी बसों और पुलिस वाहनों में आग लगा दी थी। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प भी हुई। शाम के वक्त पुलिस जामिया मिलिया विश्वविद्यालय के कैम्पस में दाखिल हुई और लाठीचार्ज किया। पुलिस का कहना था कि कुछ उपद्रवी कैम्पस में दाखिल हो गए थे, जिनके पीछे पुलिस गई। झड़प और लाठीचार्ज में करीब 60 छात्र, पुलिसवाले और दमकलकर्मी घायल हुए थे।

शर्जील पर देशद्रोह का भी केस
शर्जील ने 16 जनवरी को एएमयू में सभा की थी। इस दौरान कहा था- ‘‘क्या आप जानते हैं कि असमिया मुसलमानों के साथ क्या हो रहा है? एनआरसी पहले से ही वहां लागू है, उन्हें हिरासत में रखा गया है। आगे चलकर हमें यह भी पता चल सकता है कि 6- 8 महीने में सभी बंगालियों को मार दिया गया। हिंदू हों या मुस्लिम। अगर हम असम की मदद करना चाहते हैं, तो हमें भारतीय सेना और अन्य आपूर्ति के लिए असम का रास्ता रोकना होगा।’’

शर्जील के इस भाषण के बाद उस पर देशद्रोह का केस दर्ज किया गया। उसे बिहार के जहानाबाद से गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने उसका लैपटॉप, कम्प्यूटर जब्त किया था। शर्जील और पीएफआई के संबंधों की भी जांच की जा रही है।



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