63 लाख वाहन बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के चल रहे, सुप्रीम कोर्ट ने 9 साल पहले लगाने का दिया था आदेश

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  • पटना में 5 लाख वाहनों पर लगे है एचएसआरपी नंबर, 46 हजार प्लेट डंप
  • 8 साल के अंदर बिहार में 17 लाख गाड़ियों में लगे प्लेट, तीन लाख हाई सिक्योरिटी

Dainik Bhaskar

Feb 23, 2020, 07:51 PM IST

पटना. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के 9 साल के बाद भी बिहार में 63 लाख वाहन बगैर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) के सड़कों पर दौड़ रहे हैं। इसमें तीन लाख वाहन ऐसे हैं जिनका हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट बनकर तैयार है। लेकिन, वाहन मालिक पैसा जमा करने के बाद उसे विभिन्न सेंटर पर छोड़ दिए हैं। ये प्लेट राज्य के लगभग 45 सेंटरों पर धूल फांक रहे हैं। केवल 17 लाख वाहनों पर हाई सिक्योरिटी प्लेट लगा हुआ है। पटना में भी तीन सेंटरों पर 46 हजार प्लेट डंप है। जबकि बिहार में 80 लाख और पटना 14 लाख वाहनों का रजिस्ट्रेशन हुआ है। सबसे अधिक नंबर प्लेट पटना, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, पश्चिमी चंपारण, बेगूसराय जैसे जिलों में डंप है।

सुप्रीम कोर्ट ने अप्रैल 2012 में देश के सभी राज्यों में नए-पुराने सभी चलने वाले वाहनों पर एचएसआरपी लगाने का निर्देश दिया था। कोर्ट के निर्देश के बाद देश के सभी राज्यों में सिक्योरिटी प्लेट बनाने के लिए 1200 सेंटर खोले गए। लेकिन, सेंटर खोलने के बाद भी जागरुकता की कमी और संबंधित विभाग की लापरवाही की वजह से वाहनों पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगाने की रफ्तार सुस्त रही। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर से एक जुलाई 2018 को सभी वाहनों पर सिक्योरिटी प्लेट लगाने के संबंधित विभाग को कड़े निर्देश दिए। कोर्ट के रुख को देखते हुए परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस ने जांच अभियान शुरू कर दिया। जांच अभियान बंद हुआ तो एक बार फिर से लोग हाई  सिक्योरिटी प्लेट के प्रति लापरवाह हो गए। आलम ये है कि प्रदेश में इस वक्त 80 लाख वाहन सड़कों पर दौड़ रहे है, लेकिन 17 लाख वाहनों पर ही नंबर प्लेट लगा हुआ है। जिसमें से लगभग 5 लाख वाहन केवल पटना में है।

139 रुपए में बन रहा है नंबर 
हाई सिक्योरिटी निबंधन प्लेट लगाने के लिए दो और चार पहिया वाहनों के लिए अलग-अलग रेट निर्धारित किया गया है। दो पहिया गाड़ियों के लिए 139, तीन पहिया गाड़ियों के लिए 172,  चार पहिया गाड़ियों के लिए 355, टेलर जैसे वाहनों के लिए 328 और कृषि संबंधित गाड़ियों के लिए 148 रुपए निर्धारित किया गया है। प्लेट लगाने के लिए रसीद कटवाते समय गाड़ी के कागज की फोटो कॉफी लाना अनिवार्य है। पैसे जमा करने के बाद 30 दिनों के अंदर ही प्लेट बनकर तैयार हो जाता है। नियमानुसार रसीद कटने के 24 से 48 घंटे बाद ही निर्धारित सेंटर पर प्लेट लगाया जाता है। बगैर एचएसआरसी के वाहन चलाते समय 600 रुपए का जुर्माना या फिर एक महीन की सजा का प्रावधान है, या फिर दोनों एक साथ हो सकती है।



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